सरकार ने घटाई गेहूं की स्टॉक लिमिट अब आगे क्या
किसान और व्यापारी भाइयो जैसा कि हमने आप सभी को पहले ही बता दिया था कि OMSS स्कीम शुरू होने से पहले सरकार गेहूं की स्टॉक सीमा को कम कर सकती है, जिससे सरकार अपना स्टॉक न बेचकर व्यापारियों का माल पहले बाहर निकालेगी और वैसा ही आज देखने को मिला है। सरकार की तरफ से नोटिफिकेशन जारी हुआ है, जिसमें बताया गया है कि सरकार ने गेहूं की स्टॉक सीमा को कम कर दिया है ताकि बाज़ार में इसकी उपलब्धता बढ़ाई जा सके और गेहूं की कीमतों को कम किया जा सके। अब थोक व्यापारी 3,000 मीट्रिक टन की जगह सिर्फ 2,000 मीट्रिक टन तक गेहूं रख सकते हैं। खुदरा विक्रेताओं के लिए यह सीमा 10 से घटाकर 8 मीट्रिक टन प्रति आउटलेट कर दी गई है। बड़ी रिटेल चेन भी प्रति आउटलेट 8 मीट्रिक टन ही रख पाएंगी।

वहीं, गेहूं प्रोसेसर अब अपनी मासिक क्षमता का 70% नहीं, बल्कि केवल 60% ही स्टॉक कर सकते हैं। इन सभी इकाइयों के लिए हर शुक्रवार को सरकारी पोर्टल पर अपने स्टॉक की जानकारी देना ज़रूरी है। अगर किसी के पास तय सीमा से ज़्यादा गेहूं है, तो उसे 15 दिनों के अंदर उसे सीमा के भीतर लाना होगा। और ये सभी नियम 31 मार्च 2026 तक लागू रहेंगे। इस फैसले का असर कितना हो सकता हो तो आप की जानकारी के लिए बता दे की इस फैसले से गेहूं का भाव लगभग 75 से 150 रुपये तक टूट सकता है और दिल्ली लॉरेंस रोड पर गेहूं का भाव 2,750 से 2,700 तक रह सकता है और कुछ व्यापारियों का तो यह भी कहना है कि भाव 2,700 से नीचे भी जा सकता है। बाकि व्यापार अपने विवेक से ही करें